इंदापूर नगर परिषद की अनूठी और महत्वाकांक्षी पहल के तहत शहर में व्यापक स्वच्छता और जन-जागरूकता अभियान की अत्यंत उत्साहपूर्ण माहौल में शुरुआत की गई है। इस विशेष अभियान का औपचारिक प्रारंभ प्रभाग क्रमांक 5 के अंतर्गत आने वाले अंबिका नगर परिसर स्थित ऐतिहासिक महादेव मंदिर से किया गया।
इस बहुआयामी अभियान का मुख्य उद्देश्य न केवल शहर को कचरा-मुक्त बनाना है, बल्कि आम नागरिकों की मानसिकता में सकारात्मक बदलाव लाकर उन्हें 'स्वच्छ भारत अभियान' की मुख्यधारा से जोड़ना भी है !इस स्वच्छता और जन-जागरूकता अभियान के तहतविभिन्न गतिविधियों और रणनीतियों को धरातल पर उतारा गया, जो इस प्रकार हैं: १. सघन कचरा संग्रहण एवं परिसर स्वच्छताअभियान के पहले ही दिन अंबिका नगर और उसके आसपास के रिहायशी व व्यावसायिक क्षेत्रों में व्यापक सफाई अभियान चलाया गया। परिसर के खुले भूखंडों (ओपन प्लॉट्स) और सड़कों के किनारे लंबे समय से जमा हुए कचरे, प्लास्टिक और मलबे को पूरी तरह से हटाकर डंपिंग ग्राउंड तक पहुंचाया गया। नगर परिषद की स्वच्छता टीमों ने आधुनिक उपकरणों और वाहनों की मदद से पूरे परिसर को पूरी तरह स्वच्छ और सैनिटाइज किया।इस जन-कल्याणकारी अभियान की रूपरेखा और सफल आयोजन में स्थानीय नेतृत्व ने अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। यह पूरी मुहिम:नगराध्यक्ष भरतभाऊ शेठ शहा के कुशल मार्गदर्शन, प्रभाग क्रमांक 5 के सक्रिय गरसेवक अक्षय सूर्यवंशी, और नगरसेविका दीप्ति राउत के विशेष प्रयासों और दूरगामी सोच के परिणामस्वरूप धरातल पर आ सकी है।
इस अभियान को सफल बनाने के लिए प्रशासनिक अधिकारियों से लेकर सामाजिक कार्यकर्ताओं और आम जनता ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। कार्यक्रम के शुभारंभ के अवसर पर मुख्य रूप से उपस्थित रहने वाले गणमान्य व्यक्तियों में शामिल थे:* उपनगराध्यक्ष शैलेश पवार,नगरसेवक उमेश मखरे,वरिष्ठ सामाजिक कार्यकर्ता स्वप्नील राउत,भारत नाना शिंदे, अमर नलावडे,अजिंक्य भैया जावीर, जावेद भाई शेख इसके साथ ही, इंदापूर नगर परिषद के स्वच्छता निरीक्षक, मुकादम और सैकड़ों सफाई कर्मचारियों ने इस अभियान में अग्रिम पंक्ति में रहकर श्रमदान किया। इस अभियान का सबसे आकर्षक और प्रभावकारी पहलू कला के माध्यम से जन-चेतना को जगाना था। लोगों को स्वच्छता के प्रति संवेदनशील बनाने के लिए आर्यमान गानबोटे और बाल कलाकार ओम कारंडे के नेतृत्व वाली प्रसिद्ध'संकल्प' पथनाट्य टीम ने एक बेहतरीन प्रस्तुति दी। इस केंद्रीय विषय पर आधारित नुक्कड़ नाटक के जरिए कलाकारों ने दैनिक जीवन में गीले और सूखे कचरे को अलग-अलग करने, प्लास्टिक का उपयोग न करने और पर्यावरण संरक्षण के महत्व को बेहद सरल और मनोरंजक अंदाज में प्रस्तुत किया। इस कलात्मक प्रस्तुति ने वहां मौजूद नागरिकों को गहराई से प्रभावित किया।अभियान के दौरान नागरिकों को संबोधित करते हुए नगराध्यक्ष भरत शेठ शहा ने एक जिम्मेदार नागरिक बनने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में निम्नलिखित दिशा-निर्देश और अपील साझा कीं:*खुले में कचरा फेंकने पर पूर्ण रोक: उन्होंने नागरिकों से पुरजोर अपील की कि वे किसी भी परिस्थिति में सड़कों, नालियों या खुले मैदानों में कचरा न फेंकें। ऐसा करने से बीमारियां फैलती हैं और शहर की सुंदरता नष्ट होती है।
घंटागाड़ी का अनिवार्य उपयोग: घर और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों से निकलने वाला सारा कचरा केवल नगर परिषद की अधिकृत 'घंटागाड़ी' (कचरा संग्रहण वाहन) में ही डालें।
शिकायत निवारण तंत्र यदि किसी क्षेत्र में कचरा समय पर नहीं उठाया जा रहा है या स्वच्छता से जुड़ी कोई अन्य समस्या है, तो नागरिक सीधे नगर परिषद प्रशासन से संपर्क कर अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं, जिसका तत्काल निवारण किया जाएगा।
इंदापूर नगर परिषद की इस त्वरित और संगठित कार्रवाई से अंबिका नगर और संपूर्ण शहर के नागरिकों के बीच एक अत्यंत सकारात्मक और उत्साहजनक माहौल का निर्माण हुआ है। स्थानीय निवासियों ने नगर परिषद के इस कदम की सराहना की है।प्रशासन का मानना है कि कोई भी स्वच्छता अभियान तब तक पूर्ण रूप से सफल नहीं हो सकता जब तक कि उसमेंलोकसहभाग' (जन-भागीदारी) न हो। इसलिए, इंदापूर को राज्य और देश के स्तर पर एक आदर्श, स्वच्छ और सुंदर शहर के रूप में स्थापित करने के लिए प्रत्येक नागरिक से इस महा-अभियान में अपनी सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया गया है।
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